
शिक्षा
प्राथमिक से उच्च स्तर तक विद्यालयों की स्थापना, नि:शुल्क पुस्तकालय एवं वाचनालय, और मेधावी व निर्धन छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा व पुस्तकीय सहायता।
ट्रस्ट के मुख्य उद्देश्य
न्यास पत्र में वर्णित सभी 23 उद्देश्य — आठ मुख्य कार्यक्षेत्रों के साथ।

प्राथमिक से उच्च स्तर तक विद्यालयों की स्थापना, नि:शुल्क पुस्तकालय एवं वाचनालय, और मेधावी व निर्धन छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा व पुस्तकीय सहायता।

नि:शुल्क धर्मार्थ चिकित्सालय, मोबाइल चिकित्सालय, तथा स्वास्थ्य, नेत्र एवं रक्तदान शिविरों का आयोजन।

बेरोज़गारी उन्मूलन हेतु कार्यक्रम, और महिलाओं, बालिकाओं व युवाओं को सिलाई, कढ़ाई, चिकन, हस्तशिल्प जैसे कौशलों का नि:शुल्क प्रशिक्षण।

कुओं, तालाबों व पोखरों का संरक्षण कर जल संरक्षण, वृक्षारोपण, सामाजिक वानिकी और प्रदूषण नियंत्रण।

दिव्यांगों, विधवाओं, वृद्धों, मज़दूरों व शोषित वर्गों के कल्याण एवं उत्थान हेतु कार्य; अनाथालय, वृद्ध आश्रम, बालवाड़ी व आंगनवाड़ी की व्यवस्था।

सामाजिक एकता एवं साम्प्रदायिक सद्भाव शिविर, सभी धर्मों में आपसी सौहार्द व विश्वबन्धुत्व, तथा भारतीय संस्कृति एवं कला का प्रचार-प्रसार।

ग्रामीण स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, हैण्डपम्प, सम्पर्क मार्ग व प्रकाश की व्यवस्था; जड़ी-बूटी की खेती हेतु कृषकों को नि:शुल्क प्रशिक्षण।

बाढ़, सूखा, अग्निकांड, भूकम्प, ओलावृष्टि व तूफ़ान जैसी दैवीय आपदाओं के समय पीड़ितों की हर सम्भव सहायता।
न्यास पत्र से
बेरोज़गारी उन्मूलन हेतु समाज के विभिन्न वर्गों, सरकारी-अर्धसरकारी विभागों व स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर अनेक कार्यक्रम संचालित करना।
कुओं, तालाबों, पोखरों आदि को संरक्षित कर जल संरक्षण कार्यक्रम चलाना।
जन साधारण का सामाजिक, मानसिक, नैतिक, चारित्रिक, शैक्षिक, बौद्धिक व आध्यात्मिक विकास करना।
प्राथमिक से उच्च स्तर तक विद्यालयों/बालिका विद्यालयों/महिला महाविद्यालयों/आवासीय विद्यालयों की स्थापना करना।
ज्ञान वर्धन हेतु नि:शुल्क पुस्तकालय एवं वाचनालय की व्यवस्था करना।
सांस्कृतिक कार्यक्रम, विचार गोष्ठी, सेमिनार, खेलकूद, सामूहिक विवाह, स्वास्थ्य मेला, योग, नेत्र व रक्तदान शिविर आदि का आयोजन करना।
महिलाओं, बालिकाओं व युवाओं को सिलाई, कढ़ाई, ज़रदोज़ी, चिकन, हस्तशिल्प, ब्यूटीशियन, खाद्य प्रसंस्करण आदि का नि:शुल्क प्रशिक्षण देकर स्वावलम्बी बनाना।
मूक-बधिरों, दिव्यांगों, नेत्रहीनों, विधवाओं, वृद्धों, मज़दूरों, कारीगरों तथा अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक, दलित व पिछड़े वर्गों के कल्याण हेतु कार्य करना।
सामाजिक एकता एवं साम्प्रदायिक सद्भाव शिविरों का आयोजन कर सभी धर्मों में आपसी सौहार्द व विश्वबन्धुत्व की भावना जागृत करना।
युवा एवं महिला विकास हेतु समूह बनाकर विकास कार्य करना।
केन्द्र व राज्य सरकार की समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण व नगरीय विकास तथा दिव्यांग कल्याण योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना।
भारतीय संस्कृति एवं कला का प्रचार-प्रसार करना।
पर्यावरण संरक्षण, नशा उन्मूलन, नारी सशक्तीकरण, वृक्षारोपण, गरीबी उन्मूलन, कृषि विविधीकरण, गौ संरक्षण, पशुपालन आदि कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार करना।
प्रौढ़, अनौपचारिक, विज्ञान, व्यावसायिक, कम्प्यूटर, कृषि एवं प्रतियोगितात्मक शिक्षा नि:शुल्क दिलाने की व्यवस्था करना।
बच्चों के कौशल, शारीरिक व मानसिक विकास हेतु टूर्नामेंट व प्रतियोगिताओं का आयोजन करना।
एड्स, कैंसर, पोलियो, टी.बी., मधुमेह आदि जानलेवा बीमारियों की पहचान व रोकथाम हेतु जागरूकता शिविर लगाना।
नि:शुल्क धर्मार्थ चिकित्सालय, मोबाइल चिकित्सालय, अनाथालय, छात्रावास, व्यायामशाला, विधवा आश्रम, वृद्ध आश्रम, शिशुपालनगृह, बालवाड़ी व आंगनवाड़ी की व्यवस्था करना।
ग्रामीण स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, जल व भूमि प्रबन्धन तथा तालाब, हैण्डपम्प, नाली, सम्पर्क मार्ग, सड़क, लाइट, खड़ंजा आदि की व्यवस्था हेतु प्रयास करना।
बाढ़, सूखा, अग्निकांड, भूकम्प, ओलावृष्टि, तूफ़ान आदि दैवीय आपदाओं के समय पीड़ितों की हर सम्भव सहायता करना।
समाज के मेधावी एवं निर्धन छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा, पुस्तकीय सहायता, पुष्टाहार एवं शैक्षिक भ्रमण की व्यवस्था करना।
नई युवा प्रतिभाओं को सांस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा प्रोत्साहित करना तथा नेहरू युवा केन्द्र के युवा कल्याणकारी कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार करना।
खादी तथा ग्रामोद्योग की पद्धति के अनुसार ग्रामोद्योगों, कुटीर उद्योगों व रेशम उद्योग की स्थापना व प्रचार-प्रसार करना।
जड़ी-बूटियों व वनौषधियों को उगाना, उनकी उपयोगिता बताना तथा कृषकों को नि:शुल्क प्रशिक्षण देना; कृषि एवं ग्राम्य विकास हेतु सर्वेक्षण व अनुसंधान करना।