सुयश ब्राह्मण एकता ट्रस्टसेवा · शिक्षा · संस्कार

संगठन

समिति एवं संरचना

ट्रस्ट के दो अंग हैं — प्रबन्धकारिणी समिति एवं साधारण सभा।

श्री निरंकार मणि

ट्रस्टी / संस्थापक–अध्यक्ष

श्री निरंकार मणि

पुत्र श्री अद्या प्रसाद

न्यास पत्र के अनुसार ट्रस्ट की पंजीयन कार्यवाही श्री निरंकार मणि द्वारा सम्पादित की गई। व्यवसाय — समाजसेवा।

ट्रस्ट के अंग

कैसे चलता है ट्रस्ट

प्रबन्धकारिणी समिति

  • कुल 7 सदस्य — अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, प्रबन्धक निदेशक एवं 2 सदस्य
  • वर्ष में चार सामान्य बैठकें
  • सामान्य बैठक की सूचना 7 दिन, विशेष बैठक की 3 दिन पूर्व
  • 2/3 सदस्यों की उपस्थिति से गणपूर्ति

साधारण सभा

  • आजीवन, कार्यकारिणी, सामान्य व संरक्षक सदस्यों से गठित
  • वर्ष में एक वार्षिक अधिवेशन
  • प्रबन्धकारिणी समिति का निर्वाचन; वार्षिक बजट व रिपोर्ट पारित करना
  • नियमों में संशोधन 2/3 बहुमत से

पदाधिकारी

अधिकार एवं कर्तव्य

अन्य पदाधिकारियों के नाम शीघ्र जोड़े जाएँगे।

अध्यक्ष

  • समस्त बैठकों की अध्यक्षता करना
  • बैठकों की तिथि का अनुमोदन, परिवर्तन व स्थगन
  • समान मत होने पर निर्णायक मत देना
  • बैठक में शांति व्यवस्था कायम रखना

उपाध्यक्ष

  • अध्यक्ष की अनुपस्थिति में अध्यक्ष के कार्यों का सम्पादन

सचिव

  • मुख्य कार्यपालक के रूप में कार्य करना
  • समिति के निर्णयों को कार्यान्वित करना
  • पत्र व्यवहार, अभिलेख व सम्पत्ति की सुरक्षा
  • ट्रस्ट की ओर से अदालती कार्यवाही करना

प्रबन्धक निदेशक

  • सचिव की अनुपस्थिति में सचिव के कार्यों का सम्पादन

कोषाध्यक्ष

  • ट्रस्ट का लेखा-जोखा रखना
  • संस्था के ऑडिट की व्यवस्था करना
  • बिल, वाउचर व अनुबंध पत्रों का रखरखाव